सामाजिक क्रांति की ओर बढ़ते कदम: ग्राम हरदी (अमोदा) में मृत्यु भोज
की कुरीतियों को त्यागकर दी गई अनूठी श्रद्धांजलि
जांजगीर-चांपा: सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन (S4) के
प्रयासों से समाज में परिवर्तन की एक नई लहर दिखाई देने लगी है। दिनांक 25/03/26 ग्राम हरदी (अमोदा) में सोनवान परिवार ने अपनी पूजनीय माता जी के निधन पर
सदियों से चली आ रही रूढ़िवादी परंपराओं को त्यागकर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया
है।
कुरीतियों पर प्रहार, सादगी को अपनाया
स्व.
श्रीमती दिलबाई सोनवान जी के परिनिर्वाण के पश्चात उनके पुत्रों—समाज सुधारक
साखीराम सोनवान (एडवोकेट), नारद सोनवान और मनोज सोनवान ने
शोक की इस घड़ी में समाज को नई दिशा दिखाने का साहस किया। परिवार ने पारंपरिक 'दस नहावान', 'तीज नहावान', 'अंगराशन'
और 'बित्सर' जैसी
खर्चीली और जटिल परंपराओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
नशाबंदी और सादगी का संदेश
शोक कार्यक्रम को केवल 7 दिनों के भीतर एक गरिमामय 'श्रद्धांजलि सभा' के रूप में संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषताएँ निम्नलिखित रहीं:
नशापान पर पूर्ण प्रतिबंध: पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार के नशे के सेवन को वर्जित रखा गया।
मीठा
भोजन वर्जित: समाज के नियमों का पालन करते हुए भोजन में किसी भी प्रकार का मीठा
(खीर, बड़ा आदि) नहीं परोसा गया और आगंतुकों से भी मीठा न लाने की अपील की गई।
नारी
शक्ति का सम्मान: मिट्टी समर्पण से लेकर सभा तक, महिलाओं को पुरुषों के समान
विशिष्ट स्थान दिया गया
प्रबुद्ध जनों ने सराहा कदम
श्रद्धांजलि
सभा में सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन (S4) के अध्यक्ष प्रदीप कुमार
चंद्राकर और उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने परिवार के इस निर्णय की सराहना
की। उन्होंने कहा कि "समाज के संविधान का पालन करना ही समाज की असली उन्नति
है।"
सभा
को एडवोकेट प्रधान जी, डी.डी. गढ़ेवाल, संतराम बौद्ध, रेवाराम
जी (सेवानिवृत्त प्राचार्य), मोहन लाल जी, कार्यकारिणी केन्द्रीय कमेटी .रामकुमार
सोनवानी,महासचिव केन्द्रीय कमेटी लाभोराम
गढ़ेवाल बौद्ध प्रांगण अध्यक्ष ,और अनिल कुमार प्रधान सहित कई वक्ताओं ने संबोधित
किया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि सामान्य सदस्य इसी तरह जागरूकता
दिखाएंगे, तो समाज से कुरीतियाँ स्वतः समाप्त हो जाएंगी।
समाज के लिए प्रेरणा
संगठन
ने इस साहसी कदम के लिए सोनवान परिवार का आभार व्यक्त किया है। सभा का समापन इस
संकल्प के साथ हुआ—
"हम सुधरेंगे, तभी समाज सुधरेगा।"
इस कार्यक्रम में S4 की नारी शक्ति और भारी संख्या में
ग्रामीण उपस्थित थे, जिन्होंने इस परिवर्तन को समाज हित में
एक बड़ा कदम बताया।
"हम सुधरेंगे, तो समाज सुधरेगा" का मंत्र ही वास्तविक क्रांति है।
समाज का उत्थान केवल नारों से नहीं, बल्कि सोनवान परिवार जैसे साहसी कदमों से संभव होता है।"
सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन
( जांजगीर चाम्पा कोरबा सक्ति परिक्षेत्र छ.ग. )



