नारी शक्ति का अभूतपूर्व शंखनाद : सोंठी में उमड़ा नारी शक्ति का जनसैलाब, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उठी बुलंद आवाज

नारी शक्ति का अभूतपूर्व शंखनाद : सोंठी में उमड़ा नारी शक्ति का जनसैलाब, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उठी बुलंद आवाज

सोंठी/जांजगीर-चांपा: सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन द्वारा ग्राम सोंठी में एक दिवसीय विशेष 'सक्रिय सदस्य बैठक एवं सामाजिक चिंतन गोष्ठी' का सफल आयोजन किया गया। 29 मार्च 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा, कोरबा और सक्ति परिक्षेत्र के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

समाज में अक्सर देखा जाता है कि महत्वपूर्ण निर्णय केवल पुरुषों की चौपालों तक सीमित रह जाते हैं। सोंठी में माता-बहनों का मंच पर आकर स्वतंत्र विचार रखना और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना यह दर्शाता है कि अब समाज समानता के सही अर्थ को समझ रहा है

महिलाओं की भागीदारी से समाज में नए युग की शुरुआत

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। आमतौर पर सामाजिक निर्णयों में पुरुषों का वर्चस्व रहता है, लेकिन सोंठी की इस बैठक ने एक 'क्रांतिकारी परिवर्तन' की नींव रखी। यहाँ माता-बहनों ने न केवल उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि मंच से अपने स्वतंत्र विचार साझा करते हुए सामाजिक फैसलों में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प लिया।

किसी भी संगठन की सफलता उसके नियमों के पालन में निहित होती है। जांजगीर-चांपा, कोरबा और सक्ति परिक्षेत्र के पदाधिकारियों द्वारा नियमों की कड़ाई से बात करना यह सुनिश्चित करता है कि सुधार केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर भी लागू होंगे।

कुरितियों पर प्रहार

बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन के  अनुशासन और सामाजिक नियमों  प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना रहा।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि:

  • नशामुक्त समाज का निर्माण
  • फिजूलखर्ची पर रोक
  • शिक्षा के प्रति जागरूकता

इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है।
सभी उपस्थित सदस्यों ने संगठन के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की सामूहिक सहमति दी।

आभार और साधुवाद

कार्यक्रम के अंत में संगठन के नेतृत्व द्वारा ग्राम सोंठी के सक्रिय सदस्यों, माताओं, बहनों और सभी क्रांतिकारी साथियों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि "जय भीम, नमो बुद्धाय" के उद्घोष के साथ शुरू हुआ यह वैचारिक मंथन समाज में समानता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

"यह कार्यक्रम अपने आप में एक मिसाल है जहाँ महिलाएं भी पुरुषों के साथ बैठकर सामाजिक फैसले ले रही हैं। यह समाज में आने वाले बड़े बदलाव का संकेत है।"

"जय भीम, नमो बुद्धाय" के उद्घोष के साथ शुरू हुआ यह वैचारिक मंथन केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे छत्तीसगढ़ के सूर्यवंशी समाज के लिए एक 'रोल मॉडल' बनेगा।

                       सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन

        (जांजगीर-चांपा, कोरबा, सक्ति परिक्षेत्र, छत्तीसगढ़)

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