मुरलीडीह (कंजी): सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन (S4) के तत्वाधान में ग्राम मुरलीडीह में सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध और नैतिक मूल्यों की स्थापना हेतु एक विशाल जनजागरूकता रैली एवं सामाजिक चिंतन गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। 25 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामवासियों ने अनुशासन और एकजुटता की अनूठी मिसाल पेश की।
महापुरुषों के नमन से हुई शुरुआत-
कार्यक्रम का आगाज तथागत भगवान बुद्ध और भारतीय संविधान के शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।साथ ही हमारे संगठन के परिनिर्वित सक्रिय सदस्य भाई सतीश कुमार जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर संगठन में उनके योगदान को याद किया गया l इसके पश्चात, पूरे गाँव में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में बच्चों का उत्साह, युवाओं का जोश,बुजुर्गो का साहस और मातृशक्ति की भागीदारी देखते ही बन रही थी।
सामाजिक चिंतन -
कुरीतियों पर प्रहार और सामाजिक
सुधार पर जोर देते हुए रैली के बाद आयोजित गोष्ठी में समाज के ज्वलंत मुद्दों पर
गंभीर मंथन हुआ। S4 के संस्थापक मान. पंकज कुमार
सूर्यवंशी जी,अध्यक्ष मान. प्रदीप कुमार चंद्राकर
जी, शिक्षा सचिव मान. सुरेश कुमार सूर्यवंशी जी एवं
कोषाध्यक्ष मान. महेश बौद्ध जी ने संगठन के नैतिक नियमों की व्याख्या करते हुए
निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला
सामाजिक संस्कारों का सरलीकरण - मृत्यु संस्कार और विवाह संस्कार के नियमों में फिजूलखर्ची पर पूर्णत: रोक।
नशा मुक्ति
- नशापान और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों का कड़ा विरोध।
नारी सशक्तिकरण - नारी शिक्षा, सुरक्षा
और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जागरूक किया गया।
सदाचार एवं नैतिक नियम -
समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अनुशासित जीवन के लिए नैतिक नियम के बारे में
जागरूक किया गया।
सामाजिक संविधान पर विस्तृत चर्चा - सूर्यवंशी समाज के संविधान के सभी बिन्दुओ पर चर्चा कर बताया गया कि इसे समाज में पूर्णरूप से लागू किया जाय l
सूर्यवंशी समाज के सक्रिय सदस्यो ने साझा किए
अनुभव,युवाओं
को दिया मार्गदर्शन गोष्ठी में S4
के संरक्षक मान. डी.डी. गढ़ेवाल जी, महासचिव
मान. सुखदेव राजहंस जी,उपाध्यक्ष
मान. महेन्द्र कुमार सूर्यवंशी जी सहित पदाधिकारियों में उपकोषाध्यक्ष मान.धनंजय
टन्डन जी,मीडिआ
प्रभारी मान.राजेंद्र बौद्ध जी सहसचिव मान.धनेश्वर विजय जी,संगठन
सचिव मान.विजय लाठिया जी,मान.
शिवनाथ लसार जी,मान.परदेसी
ताम्रकार जी,और
मान. सुरेंद्र कुमार सूर्यवंशी जी ने संगठन के विजन को साझा किया। ग्राम के
बुजुर्गों ने संगठन के निःस्वार्थ भाव की सराहना करते हुए एक महत्वपूर्ण बिंदु
उठाया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि समाज में नियम बनाने वाले ही कई बार नियमों का
उल्लंघन करते हैं, जिसे
सुधारना अनिवार्य है। उन्होंने 'सामाजिक
संविधान' पर
सामूहिक चर्चा की आवश्यकता पर बल दिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
स्थानीय नागरिकों में शिव प्रसाद,
बसंत,
रामकुमार,
द्वारिका एवं नारीशक्ति में चंद्र
प्रभा हंसले, भगवती,
मीना,
सकिला,
उतरा,
सुशीला,
लीला और संध्या राजहंस ने सक्रिय
रूप से अपने विचार रखे।
आभार व्यक्त
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष प्रदीप कुमार चंद्राकर ने सफल आयोजन के लिए समस्त ग्रामवासियों और विशेष रूप से गजेन्द्र, काशीराम, अर्जुन जी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके अथक प्रयासों से घर-घर तक आमंत्रण पहुँचा। कार्यक्रम का विधिवत समापन फूलचंद परमहंस जी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। परमहंस जी ने सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन के उद्देश्यों और कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा किया l
जय भीम नमो बुद्धाय




