सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन (S4)छ.ग.का प्रयास ला रहा है समाज में परिवर्तन,


झर्रा मे लाठिया परिवार ने किया मृत्यु संस्कार संबंधी सामाजिक नियमो का पालन,बौद्धिक पद्धति से किया गया श्रद्धांजलि कार्यक्रम

 दिनांक 12/01/2026 को ग्राम झर्रा के सम्माननीय नागरिक परम आदरणीय श्री मुंदरिया राम लाठिया जी का परिनिर्वाण हो गया था।जिनका अंतिम संस्कार कार्यक्रम बौद्धिक रीति से उनके गृह ग्राम झर्रा में संपन्न हुआ,जिसमें उनके स्नेहीजन,घर,परिवार,गांव समाज से भारी संख्या में लोग शामिल हुए।

    उनके पुत्र घनश्याम प्रसाद लाठिया एवम समाज सुधारक महेश बौद्ध जी ने मिट्टी समर्पण कार्यक्रम में पुरुषो के साथ साथ नारी शक्तियों को भी विशेष स्थान दिया।शोकाकुल परिवार द्वारा,तीखा-उराई, नहावन,दोनिया,तीज नहावान,दस नहावान, सैदानी,अंगराशन,बित्सर,आदि परंपराओं पर प्रतिबंध लगाते हुए दिनांक 14/01/2026,दिन बुधवार को एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।जिसमे शोकाकुल परिवार द्वारा किसी भी प्रकार का मीठा नही परोसा जाएगा साथ ही उन्होंने समस्त समाज से निवेदन भी किए की श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने वाले कोई भी सदस्य किसी भी प्रकार का मीठा ना लाए।साथ ही नशापान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।



 मिट्टी समर्पण के बाद भंते धम्मघोष जी,संतराम बौद्ध जी,एवम भरत खरसन जी द्वारा सभा को सम्बोधित कर परिवार के मन की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कराया गया।सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन के अध्यक्ष समाज सुधारक प्रदीप कुमार चंद्राकर जी एवम शिक्षा सचिव समाज सुधारक मुरारी गढ़ेवाल जी ने शोकाकुल परिवार द्वारा किए जा रहे परिवर्तनों की सराहना कर समाज को संबोधित करते हुए कहा की समाज के सभी सदस्यों को समाज संविधान का पालन अनिवार्य रूप से करना चाहिए,और समाज के सदस्यो को किसी भी संस्कार कार्यक्रमो में किसी भी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए।
पूर्णतः बौद्धिक पद्धति से  श्रद्धांजलि कार्यक्रम सम्पन्न्      
  आदरणीय मुंदरिया राम लाठिया का श्रद्धांजलि कार्यक्रम को 14/01/2026 को उनके  परिवार द्वारा पूर्णतः बौद्ध रीति से किया गया l

          श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दिन समाज सुधारक महेश बौद्ध जी के परिवार वालों ने बहुजन समाज में जन्मे तमाम महापुरुषों जैसे तथागत बुद्ध,सम्राट असोक, फुले दंपत्ति,संत शिरोमणि गुरु रविदास, बाबा साहेब आदि के साथ अपने पिताजी का छायाचित्र मंच में स्थापित किया गया था

        तत्पश्चात परमपूज्य बौद्ध भिक्खू भंते धम्मघोष ने पूरे परिवार को त्रिशरण ,पंचशील कराया और तथागत बुद्ध के देशना और उपदेश दिया ,,,,,,उसके बाद वहां उपस्थित आदरणीय अतिथियों में संतराम बौद्ध जी, S4 के संरक्षक एड. साखीराम सोनवान जी,भरत खरसन जी,भरत लाल विजेंद्र जी (पूर्व राष्ट्रीय खिलाडी),लोकनाथ प्रधान जी (CLI Indian railways बिलासपुर),रामलखन रत्नाकर जी(अधिकारी BHEL) भास्कर  विजर्सन (ALP IR, BSP ) आदि महानुभावों ने अपने वक्तब्य के माध्यम से आद. मुंदरिया राम लाठिया जी को श्रद्धांजलि अर्पित किए, साथ ही समाज के आदरणीय शिवलाल लाठिया जी,रोहित कुमार,मोहित राम लाठिया जी,सुधीराम दिनकर जी,जवाहर लाठिया जी, अनिल कुमार करियारे जी एवं अन्य अतिथि उपस्थित थे

सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन(S4) के अध्यक्ष मान. प्रदीप कुमार चंद्राकर जी ने श्रद्धांजलि अर्पित करके कहा कि हमारे समाज के सभी संस्कार सूर्यवंशी समाज के संविधान के नियम के अनुसार होना चाहिए l

        उसके बाद आए हुए सभी अतिथियों महिला बच्चे बुजुर्गों  ने बारी-बारी से आदरणीय बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित किया l उसके बाद सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन(S4) के जागरूक साथी और जागरूक नारी शक्तियों ने सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित किया  ,,,साथ ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मालखरौदा से आये "सामाजिक जागृति मंच" के आँखों से दिव्यांग कलाकारों द्वारा लयबद्ध गीत संगीत के माध्यम से धम्मगीत,भीमगीत से सामाजिक जागरूकता फैलाने का काम किया l उनके मिशनरी योगदान के लिए महेश बौद्ध एवं परिवार ने उन्हे बुद्ध का छायाचित्र एवं भारतीय संविधान देकर सम्मान किया गयाl इसके बाद केवल दूर से आये अतिथियों के लिए सादा भोजन की व्यवस्था किया गया था,,,,खीर,बड़ा,पूरी,मेवा मिष्ठान जैसे खाद्य पदार्थों का पूर्ण प्रतिबंध था,,,,श्रद्धांजलि कार्यक्रम पूर्णतः सादा तरीके से बौद्धिक पद्धति और समाज के संविधान के अनुसार एवं सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन के प्रोटोकॉल के अनुरूप  संपन्न हुआ l

गांव वालो का सहयोग और समर्थन

ग्राम झर्रा के समस्त नागरिकों द्वारा समाज सुधारक महेश बौद्ध जी द्वारा किए जा रहे परिवर्तनों और सुधार का स्वागत किया गया और गांव के सभी जागरूक सदस्यो ने उनका भरपूर सहयोग एवम समर्थन किया।मृत्युभोज को बंद करने के लिए ग्राम झर्रा के बैठक में प्रतिनिधियों और समाज के लोगो ने यह निर्णय लिया की गांव का कोई भी सदस्य ऐसे कार्यक्रमों में भोज नही करेंगे,और दूर से आए हुए मेहमानो के लिए ही सादा भोजन बनाएंगे।श्रद्धांजलि देने पूरा गांव समाज के लोग जायेंगे,लेकिन भोज कोई भी नही करेगा।ग्राम झर्रा समाज द्वारा लिया गया यह निर्णय सराहनीय है।

*मिशनरी गीत संगीत एवं भीम चरित्र गायन

        तत्पश्चात रात्रिकालीन कार्यक्रम 8:00 बजे से शुरु हुआ जिसमे भाई रंजन एवं राजेंद्र लाठिया(लोक गायक) एवं उनके टीम द्वारा भीम गीत संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया,,,,,और खम्हिया,भगोडीह से आये आदरणीय भूषण लाठिया जी और पदुमन जी द्वारा भीम चरित्र गायन प्रस्तुत किया गया जो बहुत ही बेहतरीन था,,,,,👆 इनके बेहतरीन प्रस्तुति के लिए लाठिया परिवार ने तथागत बुद्ध का छायाचित्र प्रदान कर सम्मान किया गया और कार्यक्रम का समापन किया गया।

 समाज में पहला कार्यक्रम 


 हमारे समाज में इस तरह का श्रद्धांजलि कार्यक्रम पहली बार हुआ है।हमारे समाज के इतिहास में पहली बार अंधविश्वास,पाखंड,कुरीतियों, आडम्बर,नशा आदि पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाते हुए यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम बौद्धिक पद्धति से किया गया।शोकाकुल परिवार द्वारा समाज संविधान का पूर्ण रूप से पालन किया गया।इसके लिए समाज सुधारक महेश बौद्ध जी और उनका पूरा परिवार प्रशंसा के योग्य है।

   सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन शोकाकुल परिवार का सहृदय आभार व्यक्त करता है।तथा पूरे समाज से निवेदन करता है की हम सब भी सामाजिक कुरीतियों को त्यागकर समाज उत्थान के लिए ऐसे परिवर्तनों को स्वीकार करें..

       क्योंकि हम सुधरेंगे तभी समाज सुधरेगा।

समाज में आएगा परिवर्तन

समाज के लिए नियम बनाने वाले पदाधिकारी तो समाज संविधान का पालन नहीं कर रहे है,यह चिंता का विषय है।लेकिन सामान्य सदस्यो द्वारा समाज संविधान का पालन इस प्रकार करने से समाज में परिवर्तन जरूर आएगा।

                                                               भवतु सब्ब मंगलं

          सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन(S4) छत्तीसगढ़ (जांजगीर चाम्पा, कोरबा ,सक्ति परिक्षेत्र )



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