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                                                  बुड़ेना में गूंजा सामाजिक बदलाव का संदेश

सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन (S4) का जनजागरूकता  अभियान बना सामाजिक  चेतना

                                                    की मजबूत पहल

                                                                               ग्राम बुड़ेना | 09 अगस्त 2026 (रविवार)

ग्राम पंचायत बुड़ेना में *सूर्यवंशी समाज सुधार संगठन छत्तीसगढ़ (S4)* द्वारा आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम सामाजिक एकता, शिक्षा, कुरीति उन्मूलन और संगठनात्मक जागरूकता का प्रभावशाली संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को रूढ़ियों और कुरीतियों से मुक्त कर *शिक्षित, जागरूक, संगठित एवं नशामुक्त समाज* के निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत *भारत रत्न डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर एवं तथागत गौतम बुद्ध* के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके पश्चात ग्रामीण क्षेत्रों में *जनजागरूकता रैली* निकाली गई, जिसमें सामाजिक सुधार और जनचेतना से जुड़े नारों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया।


# रैली में गूंजे सामाजिक बदलाव के संदेश

रैली के दौरान *मृत्युभोज बंद करो, दहेज लेना-देना बंद करो, कम खर्च में विवाह करो, नशामुक्त समाज बनाओ, पर्यावरण बचाओ, नारी का सम्मान करो, घरेलू हिंसा बंद करो, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लड़का-लड़की एक समानसबको शिक्षा सबको ज्ञान, रक्तदान महादान एवं शिक्षादान महादान* जैसे संदेशों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का आह्वान किया गया।

रैली ने ग्रामीणों के बीच यह संदेश पहुंचाया कि समाज में वास्तविक बदलाव केवल भाषणों से नहीं, बल्कि *व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन और सामूहिक सहभागिता* से संभव है।

चिंतन गोष्ठी में कुरीतियों पर मंथन

रैली के उपरांत आयोजित *चिंतन गोष्ठीकुरीतियों पर प्रहार, नियमों पर विचार”* में समाज सुधार से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा हुई।

संगठन (S4) के *संरक्षक मान. डी. डी. गढ़ेवाल जी, मान. एड. साखीराम सोनवान जी, अध्यक्ष मान. प्रदीप कुमार चंद्राकर जी, उपाध्यक्ष मान. डॉ. महेंद्र कुमार सूर्यवंशी जी एवं महासचिव मान. सुखदेव राजहंस जी* सहित सक्रिय सदस्यों *मान. मुरारी गढ़ेवाल जी, मान. सुरेश कुमार सूर्यवंशी जी, मान. विजय लाठिया जी, मान. धनेश्वर विजय जी, मान. शिवनाथ लसार जी, मान. अनिल प्रधान जी एवं मान. पंकज कुमार सूर्यवंशी जी* ने समाज की नियमावली एवं संगठन के उद्देश्यों पर विस्तार से विचार रखे।

गोष्ठी में *मृत्युभोज, दहेज प्रथा, विवाह में अनावश्यक खर्च, नशाखोरी, नारी सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक कुरीतियां एवं अंधविश्वास-पाखंडवाद* जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही समाज के प्रत्येक सदस्य से सामाजिक नियमावली का पालन करते हुए समाज सुधार में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया

# ग्रामीणों ने भी रखे महत्वपूर्ण सुझाव

कार्यक्रम में ग्राम बुड़ेना की सरपंच *माननिया श्रीमति रेखा श्रवण झलरिया जी* सहित *मान. हेमा कुमार झलरिया जी, मान. अगन बाई जी, मान. मानसिंह चौरसिया जी, मान. अश्वनी कुमार जी, मान. संभू प्रधान जी, मान. राजू कुमार जी एवं मान. मुरीत टंडन जी* की उपस्थिति रही।

वहीं ग्राम सिऊड़ से *मान. प्रदीप कुमार हंसराज जी* ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए संगठन के प्रयासों की सराहना की और समाज के विकास एवं हित में अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

ग्राम के बुजुर्गों ने एक बेहद महत्वपूर्ण बात रखते हुए कहा कि *समाज के लिए नियम बनाने वाले पदाधिकारियों को सबसे पहले स्वयं उन नियमों का पालन करना चाहिए, तभी समाज के सामने आदर्श उदाहरण प्रस्तुत होगा।”* उन्होंने केंद्रीय कमेटी द्वारा इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने पर भी जोर दिया।

ग्राम प्रतिनिधियों ने यह सुझाव भी रखा कि केंद्रीय कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा *बौद्धिक पद्धति एवं संगठन की कार्यप्रणाली से सभी ग्राम प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाना चाहिए*, ताकि संगठन का संदेश जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

आभार के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में ग्राम बुड़ेना के परम आदरणीय *मान. श्रवण झलरिया जी* ने संगठन (S4) के प्रति आभार व्यक्त किया। संगठन

अध्यक्ष एवं समाज सुधारक *मान. प्रदीप कुमार चंद्राकर जी* ने ग्रामवासियों, उपस्थित अतिथियों एवं सभी सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम का समापन *कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष, शिक्षा के प्रति समर्पण, सामाजिक एकता और संगठन की मजबूती”* के संकल्प के साथ हुआ।               

# एक कार्यक्रम नहीं, बदलाव की शुरुआत

*ग्राम बुड़ेना का यह जनजागरूकता कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम रहा।* कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज के लोग एकजुट होकर शिक्षा, समानता, वैज्ञानिक सोच, संविधानिक मूल्यों और सामाजिक सुधार को अपनाते हैं, तब परिवर्तन की राह मजबूत होती है।

        * *संगठन (S4) का यह अभियान समाज में नई सोच, नई जागृति, नई किरण और नई ऊर्जा     

                       के साथ सामाजिक बदलाव की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश देता है।**

                                     * नई सोच नई जागृति नई किरण नई ऊर्जा

                                          * जय भीम जय सूर्यवंशी समाज

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